हृदय Heart से संबन्धित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य ❤ Important Facts you must be Know about Heart in Hindi

मानव का हृदय ❤ Human’s Heart in Hindi

मानव का हृदय (Human Heart) मानव शरीर की छाती के बीचों -बीच और थोड़ा सा बाए (Left) फेफड़े की तरफ (Towards Lungs) होता है। मानव हृदय  सामान्य तौर पर एक बार मे 72 बार धड़कता है जिसे हम धड़कन (Heartbeats) कहते हैं | और सारे अंगो मे जाल की तरहा फैली हुई वाहिनियों के ज़रिये खून को शरीर के कोने -कोने तक पहुंचाता है। इसी खून संचार प्रक्रिया (Blood Circulation Process) मे पोषक तत्वों (Nutrients) को भी शरीर के सभी भागो मे पहुंचाता है। सामान्य स्थिति में ह्रदय प्रति मिनट शरीर में 6 से 7 लीटर रक्त का परिसंचरण (Circulation) करता है। परन्तु दौड़ते समय या अन्य कठोर शारीरिक परिश्रम (Hard physical Exertion) करते समय यह 20 से 25 लीटर खून परिसंचरण करता है। हृदय 3 माह के गर्भस्थ भ्रूण (Fetus) से लेकर मानव के जीवित रहने तक लगातार कार्य करता है।

हृदय की तीव्रता ❤ Cardiac Intensity

नये-नये जन्मे (New Born Baby) हुए बच्चे की दिल की धड़कन सबसे ज्यादा तेज़ होती है 72-160 बीट प्रति मिनट और बुढ़ापे मे दिल की धड़कन सबसे धीरे (very slow) होती है 12-40 बीट प्रति मिनट।अभी तक किसी इंसान की सबसे कम धड़कन 26 बीट प्रति मिनट और सबसे ज़्यादा धड़कन 480 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई है।

हृदय का भार और आकार Heart weight and size

  1. दिल का भार 250 से 350 ग्राम है
  2. यह 12 सेंटीमीटर लंबा, 8 सेंटीमीटर चोड़ा
  3. 6 सेंटीमीटर मोटा मतलब आपकी दोनों हाथो की मुट्ठी के आकार का होता है।
  4. दिल एक मिनट मे 72 बार, एक दिन मे लगभग एक लाख बार से भी ज़्यादा और पूरी ज़िंदगी मे लगभग 2.5 अरभ बार से भी अधिक धड़कता है।

    How To Take Care Of The Human Heart
    How To Take Care Of The Human Heart

हृदय की सरंचना या बनावट ❤ Structure or shape of Heart

  • मानव का हृदय शरीर मे छाती के बीचों बीच थोड़ा सा बाए फेफड़े की तरफ होता है।
  • इंसान के हृदय की आंतरिक सरंचना मे हृदय 4 वेशमों का बना होता है । दो अलिंद (atrium) और दो निलय (ventricles) दोनों अलिंद अंदरूनी अलिंद पट्टी द्वारा भिन्न होते है अंदरूनी अलिंद पट्टी (inter articulam septum) पर एक छोटा सा गढ़्ढ़ा होता है जिसे कोस ओवेलिस कहते है यह वास्तव मे भ्रूणास्थ अवस्था मे पाए जाने वाले छिद्र फ़ोरामेन ओवेलिस का अवशेस होता है।
  • human heart दाहिने अलिंद मे मोटी महाशिरए अलग अलग छिद्रो द्वारा खुलती है जिनहे अग्र्र्महाशिरा अर्थात “इंफीरियर वेनकेवा” तथा सुपीरियर वेनकेवा कहते है बाएं अलिंद मे फेफड़ो से शुद्ध रुधिर लाने वाली पल्मोनरी शिराए आकार खुलती है।
  • अलिंद की भित्ति, निलय की अपेक्षा पतली होती है जबकि निलय की भित्ति, अलिंद की अपेक्षा मोटी होती है
  • दोनोंअसमान निलय आंतर निलय पट्टी (inter articulam septum)द्वारा विभाजित होते है। दाहिने आलिंद निलय छिद्र द्वारा त्रिवलन कपाट तथा बाहिने अलिंद निलय कपाट पर दुईवलन कपाट (bicuspid value) होता है।
  • कपाट हृदय रज्जुओ (Heart Cord)  द्वारा निलय भित्ति पर स्थित पेशी स्तंभो (papillary muscles)द्वारा जुड़े रहते है। ये रक्त को विपरीत दिशा मे जाने से रोकते है।
  • दाहिने निलय के अगले भाग के बाएं ओर से एक पल्मोनरी चाप या फुफ्फुशीय महाधमनी (pulmonary arch) से निकाल कर फेफड़ो को अशुद्ध कर पहुंचाती है|
  • निलय की गुहा मे जिस स्थान से पलमोनरी महाधमनी निकली है वह तीन अर्धचंद्राकार कपाट (semi lunar value) होते है जो रक्त को निलय से पलमोनरी महाधमनी मे तो जाने देते है
  • परंतु उसे निलय मे वापिस नही आने देते। इसी प्रकार बाए निलय से निकलने वाली कैरोटिकों सिस्टमिक चाप के उद्दम स्थान पर भीतीन अर्धचंद्राकार कपाट होते है जो रक्त को वापिस निलय मे नही जाने देते है।

हृदय का कार्य ❤ Work of Heart

हृदय की कार्य विधि हृदय का प्रमुख कार्य बिना थके लगातार शरीर के विभिन्न भागो तक ऑक्सीज़न रहित रक्त का संचार करना है पूरे शरीर मे छोटी बड़ी शिराए यानि वाहनियो का जाल फैला होता है जो कि हृदय की धमनियो से जुड़ी होती है जब हृदय पम्प करता है तब रक्त इन्ही धमनियो से होता हुआ वाहनियो के द्वारा पूरे शरीर मे संचार करता है।

  • हृदय मे धमनी (Pulmonary Glands) और शिराए (Pulmonary Veins) दो प्रकार की नलिकाए होती है। धमनी मे शुद्ध रक्त बहता है जबकि शिराओ मे अशुद्ध रक्त बहता है शरीर के विभिन्न भागो से अशुद्ध रक्त शिराओ द्वारा हिर्दय को पहुंचाया जाता है,हृदय इस अशुद्ध रक्त को शुद्ध करने के लिए फेफड़ो मे पहुंचाता है। फेफड़ो तक रक्त पहुंचते ही वह ऑक्सीज़न रहित हो जाता है।फिर धमनियो द्वारा रक्त पूरे शरीर मे जाता है तथा शिराओ द्वारा रक्त पुन्हा वापिस धमनियों से हिर्दय तक पाहुंचता है।
  • हृदय धमनी मे अशुद्ध रक्त बहता है तथा पल्मोनरी शिरा मे शुद्ध रक्त बहता है। इस कार्य को सम्पन्न करने के लिए हृदय हर पल सिकुड़ता तथा फैलता रहता है। इस प्रकार एक मिनट मे हृदय 72 बार सिकुड़ता तथा संकुचित होता रहता है| हृदय के बार बार इसी सिकुड़ने तथा संकुचित होने को हृदय का धड़कना कहते है।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए टिप्स ❤ (Healthy Heart Tips in Hindi)

दिल को स्वस्थ रखने के लिए यहां हमने कुछ सरल और महत्वपूर्ण हेल्दी हार्ट टिप्स  के बारे में बताया है, जिन्हे अपने जीवन में अपनाकर आप अपने आपको विभिन्न हृदय रोगों (Healthy heart tips in Hindi) से बचा सकते हैं:

1.धूम्रपान न करें (No smoking) ❤ अगर आप अपने आपको हृदय रोगों से दूर रखना चाहते हैं तो सबसे आवश्यक है कि आज ही धूम्रपान बंद करें। यदि आप धूम्रपान करने के आदी हैं तो इस दौरान आपको यह लग सकता है कि यह आपको शान्ति प्रदान कर रहा है परन्तु असलियत में यह किसी भी प्रकार से आपके स्वास्थ्य को सही रखने में मदद नहीं करता। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन कोरोनरी हृदय (Coronary Heart) रोगों के होने के सबसे बड़े कारणों में से एक है। तंबाकू रक्त वाहिकाओं और हृदय को बड़ा नुकसान पहुंचाता है। यदि आप ह्रदय रोगों से बचाव चाहते है तो आज ही धूम्रपान छोड़ दें

2.व्यायाम करें (Do exercise regularly) ❤ अगर आप नियमित व्यायाम करते हैं तो आपको इसके फायदों के बारे में अवश्य पता होगा। उनमें से एक है- यह दिल के दौरे के जोखिम को कम करता है। अगर आप रोजाना व्यायाम करते हैं, तो न केवल आपका शरीर टोंड रहेगा बल्कि आप लंबे समय तक स्वस्थ भी रहेंगे। रक्तवाहिकाओ प्रणाली (Cardiovascular System) को मजबूत करता है शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, आपके संतुलन और लचीलेपन में सुधार करता है और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है टहलना, दौड लगाना इत्यादि

3.तनाव ना ले (Do not take stress) ❤ आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी (Hectic life Schedule) में रोजमर्रा के कार्यों (Everyday work) को पूरा करना आज के युग में किसी पहाड़ से कम नहीं है। इस सभी में एक मनुष्य अलग-अलग प्रकार के तनावों से निपटता है। ऐसे में न केवल आपके मानसिक स्वास्थ्य (Mental health), बल्कि आपका हृदय स्वास्थ्य भी इस सुसंगत (relevant) और अत्यधिक तनाव से प्रभावित (Influenced) होता है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि धीरे-धीरे तनाव मुक्त (Stress less) होने के लिए, तनाव का प्रबंधन करें। धैर्य के साथ तनाव का प्रबंधन आसान हो सकता है। मेडिटेशन, हीलिंग म्यूजिक और ब्रीदिंग एक्सरसाइज प्राइम हीलर हैं और इसे रोज किया जा सकता है।

4.ऐल्कोहॉल का सेवन ना करे (Do not consume alcohol) ❤ अगर आप नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं, तो इसके सेवन पर नियंत्रण करने के लिए उपाय करने चाहिए और अपने शराब के सेवन को सीमित करने के निर्णय पर पुनर्विचार (Reconsideration) करना चाहिए। एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से शराब का सेवन किसी व्यक्ति पर, विशेष रूप से उसके दिल पर घातक प्रभाव डाल सकता है। शराब की जगह जितना हो सके प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। हर रोज़ कम से कम 2 लीटर या 10 गिलास पानी ज़रूर पीना चाहिए |

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