PMLA Act में संशोधन – Prevention of Money Laundering Act, 2002 – Knowledge

PMLA Act ये चर्चा में क्यों है ?

हाल ही में केंद्र सरकार ने धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act 2022 -PMLA) में संशोधन की अधिसूचना जारी की है। यह संशोधन धन शोधन के मामलों से निपटने के लिये प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) को सशक्त करेगा।

इसके प्रमुख बिंदु

यह संशोधन धन शोधन (Money Laundering) को स्वयमेव अपराध की श्रेणी में रखता है। अभी तक धन शोधन एक स्वतंत्र अपराध की श्रेणी में नहीं आता था अपितु यह किसी अन्य अपराध पर निर्भर करता है जिसे ‘पूर्वगामी अपराध’ या ‘अनुसूचित अपराध’ के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार के अपराधों में आय को धन शोधन के अपराध का विषय बनाया जाता है।

यह उन संपत्तियों को भी आपराधिक प्रक्रिया के क्षेत्र के अंतर्गत मानता है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनुसूचित अपराध (Scheduled Offense) से संबंधित गतिविधियों से प्राप्त की गयी हैं।

सबसे महत्त्वपूर्ण संशोधन धारा 17 (तलाशी और गिरफ़्तारी) और धारा 18 (व्यक्तियों की तलाश) की उप-धारा (1) के प्रावधानों को हटाना है। इन प्रावधानों के अनुसार, PMLA Act के अंतर्गत अधिसूचित अपराधों में से किसी भी अपराध में जाँच करने में सक्षम एजेंसी द्वारा दर्ज़ प्राथमिक रिपोर्ट या चार्जशीट का होना आवश्यक था।

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धारा 45 में एक स्पष्टीकरण को जोड़ा गया है जिसके अनुसार, PMLA के अधीन सभी अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होंगे जिससे ED को कुछ शर्तों के अधीन बिना किसी वारंट के अभियुक्त को गिरफ़्तार करने का अधिकार होगा। अन्य महतत्त्वपूर्ण संशोधनों में अपराध से प्राप्त आय के छिपाव, कब्ज़ा, अधिग्रहण, उपयोग, निष्कलंकित धन के रूप में पेश करना या निष्कलंकित धन के रूप में दावा करना इस अधिनियम के तहत स्वतंत्र और पूर्ण अपराध हैं।

इस संशोधन के तहत धारा 72 केंद्र में एक अंतर-मंत्रालयी समन्वय समिति (Inter-Ministerial Coordination Committee) के गठन का प्रावधान करती है जो धन शोधन और आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण की पहल पर परामर्श हेतु संचालनगत और नीतिगत स्तर पर सहयोग के लिये विभागीय और अंतर-एजेंसी समन्वय हेतु उत्तरदायी होगी।

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate)

प्रवर्तन निदेशालय एक बहु अनुशासनात्मक संगठन है जो वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग का हिस्सा है। यह दो विशेष राजकोषीय कानूनों – विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) और धन की रोकथाम अधिनियम, 2002 (PMLA) के प्रावधानों को लागू करने का कार्य करता है। सीधी भर्ती द्वारा कर्मियों की नियुक्ति के अलावा निदेशालय प्रतिनियुक्ति पर विभिन्न जाँच एजेंसियों, सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, आयकर, पुलिस आदि विभागों से भी अधिकारियों को नियुक्त करता है।

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अधिकार एवं शक्तियाँ

एक बहुआयामी संगठन की भूमिका में निदेशालय दो कानूनों को लागू करता है, जो निम्नलिखित हैं:

  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (Foreign Exchange Management Act-FEMA)– यह एक नागरिक कानून है, जो निदेशालय को अर्द्ध न्यायिक शक्तियाँ देता है।
  • यह निदेशालय को विनिमय नियंत्रण कानून के संदिग्ध उल्लंघनों की जाँच करने के साथ दोषी पर जुर्माना लगाने की भी शक्ति देता है।
  • धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention Of Money Laundering Act-PMLA)– यह एक आपराधिक कानून है, जो निदेशालय के अधिकारियों को अनंतिम रूप से जाँच पड़ताल करने, पूछताछ करने और जुर्माना लगाने का अधिकार देता है।
  • यह कानून अधिकारियों को कालेधन के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी और उन पर मुकदमा चलाने के अलावा अपराधिक कृत्यों से प्राप्त संपत्ति को संलग्न/ज़ब्त करने का अधिकार भी देता है।