Difference Between A Qr Code And A Barcode

क्यु आर कोड क्या है ? What is QR Code ?

Difference between QR code and bar code
Difference between QR code and bar code

क्यु आर कोड जिसे की आसान शब्दों में क्विक रेस्पोंस (Quick Response Code) कहा जाता है यह एक प्रकार की बार कोड Barcode) होती है जिसमें की एक डॉट्स का मैट्रिक्स (matrix of dots) मौजूद होते हैं l इन्हें स्कैन किया जा सकता है एक क्यूआर स्कैनर (QR scanner) या एक स्मार्टफोन (smartphone) जिसमें की में निर्मित कैमरा (built-in camera) होता है उसके जरिये स्कैन किया जा सकता है. एक बार स्कैन (scanned) होने के बाद युक्ति (device) में मौजूद सॉफ्टवेयर कन्वर्ट (software convert) करता है उन बिंदु (dots) को जो की कोड (code) में मौजूद होते हैं उन्हें अंक (numbers) में या फिर एक पात्रों की स्ट्रिंग (string of characters) में सभी क्यु आर कोड के आकार वर्ग (square shape) होते हैं और इनमें मौजूद होते हैं तीन वर्ग रूपरेखा (square outlines) जो की होते हैं नीचे-बाएँ, ऊपर-बाएँ, (bottom-left, top-left) और ऊपरी-दाएँ कोने (top-right corners) में ये वर्ग रूपरेखा परिभाषित (square outlines define) करते हैं कोड के उन्मुखीकरण (orientation) को ये बिंदु (dots) जो की क्यु आर कोड के भीतर मौजूद होते हैं उनमें प्रारूप (format) और संस्करण जानकारी (version information) के साथ साथ सामग्री (content) भी शामिल होता है l क्यु आर कोड में कुछ मात्रा में त्रुटि सुधार (error correction) भी मौजूद होता है, जिन्हें की परिभाषित (define) किया जाता है L, M, Q, या H के तोर पर छोटी मात्रा की त्रुटि सुधार (L) अनुमति (allow) करती है क्यु आर कोड को ज्यादा सामग्री धारण करने में, वहीँ उच्च त्रुटि सुधार (higher error correction) (H) बनाते हैं कोड को स्कैन करने के लिए आसान हैं l

क्यु आर कोड कैसे काम करता है ? How QR code work ?

इस कोड के जरिए हम अपनी जानकारी को डिजिटल फॉर्म में तब्दील कर देते हैं और उसको पढ़ने के लिए हमें एक डिजिटल स्केनर की जरूरत पड़ती है आमतौर पर हम उसे नहीं पढ़ सकते वह सिर्फ हमें स्क्वायर शेप का ही दिखाई देता है इसमें काले और सफेद स्पॉट होते हैं जबकि आमतौर पर डाटा टैक्स के रूप में होता है तो उसे स्कैनर नहीं पढ़ पाएगा।इसमें बहुत सारी इंफॉर्मेशन को स्टोर किया जा सकता है आप QR Code के जरिए भी अपनी जानकारी को शेयर कर सकते हैं इसके जरिए आप प्रोडक्ट ट्रैक को भी अटैंडीफाई कर सकते हैं। यह एक ऑनलाइन प्रोसीजर के जरिए ही बनाया जाता है और उसे पढ़ना एक आम आदमी के बस की बात नहीं है इसे स्केनर मशीन और नए जमाने के स्मार्टफोन ही स्कैन कर सकते हैं।

 

क्यु आर कोड के प्रकार QR Code Type

संरचना कार्य एवं उपयोग के आधार पर क्यूआर कोड को दो वर्गों में विभाजित किया गया है। जो इस प्रकार है-

स्टैटिक क्यूआर कोड का इस्तेमाल  Use Static QR Code

स्टैटिक क्यूआर कोड का इस्तेमाल सर्वजनिक जानकारी को फैलाने के लिए किया जाता है और इसे बहुत कम बार संपादित भी किया जाता हैं। इस क्यूआर कोर्ट को पोस्टर्स, टीवी एंड, न्यूजपेपर, मैगजीन आदि ने प्रकाशित किया जाता है। इस कोड का निर्माता जानकारी प्राप्त कर पाता है। जैसे क्यूआर कोड कितनी बार स्कैन किया गया l जिस डिवाईस से स्कैन हुआ है उसका ओअस डायनामिक क्यूआर कोड (Dynamic QR Code) कहते हैं l

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डायनामिक क्यूआर कोड Dynamic QR Code

डायनामिक क्यूआर कोड एक तरह का लाइव कोड होता है जिसे टाइम टाइम पर संपादित किया जाता है। इसे यूनिक क्यूआर कोड (Unique QR Code) के नाम से भी जाना जाता है। इस कोड के निर्माता कई प्रकार की इंफॉर्मेशन को ट्रैक कर सकते हैं जैसे

  1. स्कैन करने वाले का नाम
  2. ईमेल आईडी
  3. कितनी बार स्कैन किया
  4. कोड में शामिल जानकारी तक पहुँच
  5. वार्तालाप दर (Conversation Rate)

क्यूआर कोड के लाभ  QR Code benefit

  • क्यूआर कोड के बहुत से लाभ हैं इसमें बारकोड के मुकाबले बहुत ज्यादा जानकारी स्टोर की जा सकती है।
  • अगर आपको यूट्यूब का कोई लिंक शेयर करना होता है तो उसको भी आप क्यूआर कोड का जरिय दूसरों तक भेज सकते हैं
  • बहुत ज्यादा लंबा टैक्स भेजने की जरूरत (need) नहीं पड़ती जिसको आप भेज रहे हैं उसको स्कैन करके जल्दी आपके लिंक को खोल सकता है
  • यह लिंक आपके वीडियो वेबसाइट या किसी दूसरे लिंग तक ही सीमित (Limited) नहीं है बल्कि इसमें आप अपना मैसेज फोन नंबर कूपन और अपने लोकेशन भी क्यूआर कोड के द्वारा भेज सकते हैं जो कि एक डिजिटल फॉर्म में होता है।
  • जब हम किसी शॉपिंग मॉल में है कोई प्रोडक्ट खरीदने (To buy) जाते हैं तो आपने देखा होगा कि प्रोडक्ट के ऊपर बारकोड या क्यूआर कोड लिखा हुआ होता है उसे सिर्फ क्यूआर कोड का स्पिनर ही पड़ सकता हैl ।
  • इसमें बारकोड के मुकाबले 50 गुना ज्यादा डाटा स्टोर किया जा सकता है जबकि बारकोड में बहुत कम डाटा रहता है।
  • बारकोड को स्कैन करने के लिए डायरेक्शन भी देखना पड़ता है यह बारकोड के मुकाबले (More than) ज्यादा आसानी से स्कैन हो जाता है।

बारकोड क्या है? What is Bar Code?

बारकोड क्या है और ये काम कैसे काम करता है ये बात शायद आपने कभी न कभी जरुर सोचा होगा l जब कभी भी अगर आप किसी मॉल (Mall) या कोई दुकान गए होंगे और अगर कोई सामान ख़रीदा होगा तो आपके के नज़र में कुछ काली काली सीधी lines जरुर आया होगा l आपके मन में ये सवाल जरुर आया होगा की आकिर ये अजीब (strange) से दिखने वाली पंक्तियां आकिर है क्या. आपने ये भी देखा होगा की जब वो दुकान के लोग जो सामान भारती करते है वो कुछ मशीन (machine) से उन पंक्तियां के ऊपर कुछ समय रखते हैं और फिर आकिर में हमें अपना बिल मिल जाता है। अब बात आती है की वोl पंक्तियां (lines) क्या है और उनका क्या काम है आपकी इन्ही बारकोड के प्रकार l

बारकोड के प्रकार  Barcode Type

परेशानियों को दूर करने के लिए आज मैंने सोचा क्यूँ न आपको इन्ही पंक्तियां जिसे बारकोड भी कहते हैं के बारे में पूरी जानकारी दे दी जाये l ताकि आपको ये समझ में आ जाये की आकिर ये बारकोड क्या है और ये काम कैसे करते है जब भी हम कोई चीज़ खरीदते हैं तो अनजाने (Unknowingly) में ही सही लेकिन हमारा सामना इन बारकोड से जरुर होता है l तो फिर देरी किस बात की चलिए जानते हैं की बारकोड क्या होता है और ये काम कैसे काम करता है l

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दो सामान्य प्रकार के बारकोड हैं

  1. आकार (dimensional”1D”)
  2. आकार (dimensional “2D”)

1D बारकोड्स टेक्‍स्‍ट की इनफार्मेशन स्‍टोर करने के लिए उपयोग की जाने वाली लाइनों की एक श्रृंखला है, जैसे प्रोडक्‍ट टाइप, साइज़ और कलर। वे प्रोडक्‍ट पैकेजिंग पर उपयोग किए जाने वाले सार्वभौमिक उत्पाद कोड (universal product codes) (UPCs) के टॉप पर दिखाई देते हैं, U.S. पोस्टल सर्विस के माध्यम से ट्रैक पैकेजों की मदद करने के लिए, साथ ही पुस्तकों के पीछे आईएसबीएन संख्याओं में।

2D बारकोड अधिक जटिल (more complicated) हैं और इसमें केवल टेक्‍स्‍ट की तुलना में अधिक (more) इनफार्मेशन शामिल हो सकती है, जैसे कि कीमत, मात्रा और यहां तक ​​कि एक इमेज भी। उस कारण (cause) से, रैखिक बारकोड स्कैनर (linear barcode scanners) उन्हें नहीं पढ़ सकते हैं, हालांकि स्मार्टफ़ोन और अन्य इमेज स्कैनर पढ़ने सक्षम (Capable) हैं। हालांकि, एप्लीकेशन पर निर्भर करते हुए, एक दर्जन से अधिक बारकोड भिन्नताएं (Differences) हैं।

बारकोड के लिए तकनीकी (technology) परिभाषा एक स्कैन करने योग्य, दृश्य सतह पर इनफार्मेशन का एक रिडेबल फॉर्म है। उन्हें अक्सर UPC कोड के रूप में भी जाना जाता है। बारकोड को एक विशेष (special) स्कैनर का उपयोग करके पढ़ा जाता है जो इनफार्मेशन को सीधे बंद कर देता है। फिर इनफार्मेशन को एक डेटाबेस में ट्रांसमिट किया जाता है जहां इसे लॉग और ट्रैक किया जा सकता है। मर्चेन्डाइज़र और अन्य कंपनियों को यूसीसी, या यूनिफ़ॉर्म कोड काउंसिल नामक (Called) संगठन को एक वार्षिक (annual) शुल्क का भुगतान करना होता हैं, जो उस विशेष कंपनी के लिए विशेष बारकोड बनाती है। बारकोड पर प्रत्येक नंबर का एक विशेष अर्थ होता है, और अक्सर इन नंबर्स को जोड़ा जाता है, गुणा किया जाता है, और कुछ सूत्र (thread) में विभाजित किया जाता है जो उन्हें प्रत्येक अपना विशेष व्यक्तित्व (personality) देता है।

बारकोड नंबर 0 Barcode number 0

बारकोड इन्वेंट्री, मूल्य निर्धारण, और अन्य महत्वपूर्ण व्यवसाय से संबंधित डेटा के बारे में सटीक इनफार्मेशन बनाए रखने के लिए बहुत उपयोगी है। अलग-अलग कंपनियों के बारकोड एक अलग मात्रा में नंबर और बार कॉम्बिनेशन का उपयोग करते हैं। कुछ बड़े निर्माताओं (manufacturers) की संख्या अधिक होगी, लेकिन यह बहुत अधिक संख्या में सूचीबद्ध (Listed) होने की तुलना में अधिक गहरा है। बारकोड पर हर एक नंबर का एक अर्थ होता है। उदाहरण (Examples) के लिए, यदि बारकोड नंबर 0 से शुरू होता है, तो इसे स्‍टैंडर्ड यूपीसी अंक (Number) के रूप में जाना जाता है। यदि संख्या 1 से शुरू होती है, तो इसे यादृच्छिक वजन आइटम (random-weight item) कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि आइटम की कीमत उसके वजन पर निर्भर करेगी। यह आम तौर (Usually) पर मीट, फल, या सब्जियों जैसी चीजों पर लागू होता है। यदि कोई आइटम नंबर 3 से शुरू होता है, तो यह एक दवा (Medicine) है। इन संख्याओं (The numbers) के कई अन्य फॉर्मेट हैं, और हर एक कुछ (some) अलग का प्रतिनिधित्व (Representation) करता है। यदि एक कूपन का उपयोग (Use) किया जाता है जिसमें एक बारकोड होता है, तो इनफार्मेशन एक सिस्‍टम के माध्यम (medium) से जाती है जो उस कूपन को लिंक करती है और उसका मूल्य (value) पहले से स्कैन किए गए आइटम पर जाता है, और फिर अमाउंट आटोमेटिकली काट ली जाती है। एक जटिल कंप्यूटराइज्ड सिस्टम हर एक बारकोड को स्कैन करता है, जिसे स्कैन किया जाता है, लेकिन ये बारकोड सिस्टम-विशिष्ट होते हैं, जो इस बात पर निर्भर (Dependent) करता है कि वे किस कंपनी के हैं। ऐसे तरीके हैं जिनसे एवरेज उपभोक्ता बारकोड को “डीकोड” कर सकते हैं यदि वे जानते हैं कि क्या देखना है और नंबर्स की विविधता (Diversity) से परिचित हैं। बारकोड हमारे जीवन को बहुत अधिक कुशल (Skilled) बनाते हैं, और बहुत तेजी से खरीदारी (Shopping) करना संभव बनाते हैं।

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बारकोड के लाभ Barcode benefit

बारकोड को सेल्‍स ट्रांजेक्शन्स की स्‍पीड में सुधार करने के लिए डेवलप किया गया था, लेकिन बिज़नेसेस के लिए अन्य संभावित लाभ हैं, जिनमें शामिल हैं

  1. गति (Speed)- औसतन, एक बारकोड लेबल को उसी समय में स्कैन किया जा सकता है, जिसमें कर्मचारी को दो कीस्ट्रोक बनाने के लिए समय लगता है।
  2. बेहतर सटीकता (Better accuracy)- डेटा को प्रोसेस करने के लिए बारकोड पर निर्भर होना मैन्युअल रूप से एंटर किए गए डेटा पर भरोसा करने की तुलना में कहीं अधिक सटीक है।
  3. डेटा तुरंत उपलब्ध होता है (Data available immediately)- प्रोसेसिंग स्‍पीड के कारण, रियल टाइम में इन्वेंट्री लेवल या बिक्री के बारे में इनफार्मेशन उपलब्ध है।
  4. कार्यान्वयन में आसानी (Ease of implementation)- अधिकांश बारकोड स्कैनर ऑपरेटर 15 मिनट से कम समय में डिवाइस का उपयोग करना सीखते हैं, और बारकोड लेबल हजारों उपलब्ध डिवाइसेस द्वारा पढ़े जाते हैं।
  5. बेहतर इन्वेंट्री कंट्रोल (Better inventory control)- इन्वेंट्री को स्कैन और ट्रैक करने में सक्षम होने के कारण बहुत अधिक सटीक गणना होती है, साथ ही इन्वेंट्री टर्न की बेहतर गणना (Calculation) भी होती है। कंपनियां कम इन्वेंट्री रख सकती हैं जब उन्हें पता होता है कि उन्हें कितनी जल्दी इसकी आवश्यकता होगी।
  6. लागत प्रभावशीलता (cost effectiveness)- बारकोड सिस्टम अक्सर 6-18 महीनों में अपने निवेश को रिकवर कर सकते हैं और विभिन्न प्रकार के डेटा एप्लीकेशन में उच्चतम लेवल की विश्वसनीयता (Reliability) प्रदान करते हैं; बारकोड सिस्टम समय बचाते हैं और एरर को रोकते हैं।

बार कोड तथा QR कोड में अंतर है  Difference between Bar code & QR Code

  1. बार कोड 1 डायमेन्सन में प्रयोग होता है जबकि QR कोड 2 डायमेन्सन में प्रयोग (Experiment) किया जाता है।
  2. बार कोड में पैरलल वर्टीकल रेखाओं के माध्यम से डाटा संगृहीत किया जाता है जिसमे विभिन्न दूरियों (Distances) पर कुछ मोटी कुछ पतली रेखाएं होती हैं वहीँ QR कोड में स्क्वायर, डॉट्स आदि के माध्यम से सूचनाओं (Notifications) को संगृहीत किया जाता है
  3. बार कोड के द्वारा टेक्स्ट, अंक आदि को संगृहीत किया जाता है जबकि QR कोड में टेक्स्ट, अंक , फोटो, म्यूजिक, पासवर्ड आदि कई सूचनाएं संगृहीत (Stored) की जा सकती है।
  4. बार कोड में बहुत कम जानकारी एकत्रित (Collected) की जाती है जबकि QR कोड में बहुत ज्यादा जानकारी एकत्रित की जा सकती है।
  5. बार कोड को बार कोड स्कैनर के माध्यम (medium) से रीड किया जाता है वही QR कोड को 2 D स्कैनर तथा स्मार्ट फ़ोन में कई एप्स के माध्यम से डिकोड किया जा सकता है।
  6. बार कोड का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त (Damaged) होने पर स्कैनर इसे पढ़ नहीं सकता किन्तु QR कोड का कुछ हिस्सा नहीं रहने पर भी इसे डिकोड किया जा सकता है।

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