राशियों के बारे में कुछ ज़रूरी जानकारी 💛 Important fact about Rashi in Hindi

राशि से जुड़ीं कुछ ज़रूरी और ख़ास बाते 💛 Some important and special things related to the zodiac

  1. मेष (Aries): मेष राशि वाले आकर्षक (Attractive) होते हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा हो सकता है। दिखने में सुंदर होते हैं। यह लोग किसी के दबाव में काम करना पसंद नहीं करते। इनका चरित्र साफ-सुथरा एवं आदर्शवादी होता है।बहुमुखी प्रतिभा के धनी (Rich in versatility) होते हैं। समाज में इनका वर्चस्व होता है और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। निर्णय लेने में जल्दबाजी करते हैं तथा जिस काम को हाथ में लिया है, उसे पूरा किए बिना पीछे नहीं हटते।इन्हें गुस्सा बहुत जल्दी आता है। किसी भी चुनौती को स्वीकार करने की आदत होती है। इनकी कल्पना शक्ति अच्छी रहती है। सोचते बहुत ज्यादा हैं। इनके स्वभाव में कभी-कभी लापरवाही (Negligence) भी आ जाती है। लालच करना इस राशि के लोगों के स्वभाव मे नहीं होता। दूसरों की मदद करना इन्हें अच्छा लगता है। अपनी जिद पर अड़े रहना भी मेष राशि का स्वभाव है। इनके भीतर एक कलाकार छिपा होता है।अपनी मर्जी के अनुसार ही दूसरों से काम करवाना चाहते हैं। इस कारण इनके कई दुश्मन (enemy) खड़े हो जाते हैं। एक ही काम को बार-बार करना, इस राशि के लोगों को पसंद नहीं होता। अपना अपमान जल्दी नहीं भूलते हैं, मन में दबा के रखते हैं। मौका मिलने पर बदला लेने से नहीं चूकते।
  2. वृष (Taurus): इस राशि का चिह्न बैल है। बैल अधिक पारिश्रमी और ताकतवर होता है। साधारणत: ये जीव शांत भी रहता है, लेकिन गुस्सा आने पर वह उग्र रूप धारण कर लेता है। इसी प्रकार का स्वभाव वृष राशि का भी होता है। सरकारी ठेकेदारी का काम करवाने की योग्यता इस राशि के लोगों में रहती है।पिता के पास जमीनी काम या जमीन के द्वारा धन कमाने का साधन होता है। इन लोगों को मसालेदार भोजन अधिक पसंद होता है। वृष राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है। इसके अंतर्गत कृत्तिका नक्षत्र के तीन चरण, रोहिणी के चारों चरण (Steps) और मृगशिरा के प्रथम दो चरण आते हैं। सरकारी क्षेत्रों की शिक्षा (Education of Government sector) और सरकारी काम इनको आकर्षित करते हैं। इन लोगों के पास ज्ञान अधिक होता है, जिससे अहम का भाव इनके स्वभाव में आ जाता है। ये लोग जब भी कोई बात करते हैं तो स्वाभिमान की बात करते हैं। ये लोग सौन्दर्य और कला प्रेमी (beauty and art lovers) होते हैं। कला के क्षेत्र में नाम कमाते हैं। चन्द्र-बुध के कारण इन लोगों को संतान के रूप में कन्या मिल सकती है। माता के साथ वैचारिक मतभेद का वातावरण (ideological difference environment) बनाता है। हमेशा दिमाग में कोई योजना बनती रहती है। कई बार खुद के षडयंत्रों में खुद ही फंस भी जाते हैं। रोहिणी नक्षत्र के चौथे चरण का स्वामी चन्द्रमा है, इस कारण इनके मन में उतार-चढ़ाव की स्थिति (Fluctuating condition) बनी रहती है।
  3. मिथुन (Gemini): ये लोग वाहनों की अच्छी जानकारी रखते हैं। नए-नए वाहनों और सुख के साधनों के प्रति अत्यधिक आकर्षण होता है। इनका घरेलू साज-सज्जा (Home furnishing) के प्रति अधिक झुकाव होता हैमृगशिरा नक्षत्र के तीसरे चरण के स्वामी मंगल-शुक्र हैं। मंगल शक्ति और शुक्र माया का प्रतीक है। राशि का प्रतीक युवा दम्पति है, यह द्वि-स्वभाव वाली राशि है। यदि इनकी कुंडली में मंगल और शुक्र की युति है तो इन लोगों में स्त्री रोगों को परखने की अद्भुत क्षमता होती है। गुरु आसमान का राजा है तो राहु गुरु का शिष्य है। कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति से इस राशि के लोगों में ईश्वर की भक्ति को बढ़ाते हैं। व्यक्ति एक दायरे में रह कर ही काम कर पाते हैं और पूरा जीवन लाभ प्राप्त करते हैं। व्यक्ति के अंदर एक मर्यादा होती है जो उसे धर्म में बांधे रखती है। व्यक्ति सामाजिक और धार्मिक कार्यों में लगा रहता है। व्यक्ति को बुद्धि वाले कामों में सफलता मिलती है। वाणी की चतुरता से इस राशि के लोग कुशल कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ (Skill diplomat and politician) भी बन जाते हैं।
  4. कर्क (Cancer): कुंडली में शनि-बुध की युति व्यक्ति को होशियार बना देती है। कुंडली में शनि-शुक्र की युति से व्यक्ति को धन प्राप्त होता है। व्यक्ति उपदेशक (person preacher) बन सकता है। कुंडली में बुध की अच्छी स्थिति से गणित की समझ और शनि से लिखने का प्रभाव बढ़ता है। कम्प्यूटर के कामों में व्यक्ति को सफलता मिलती है। जिस स्थान पर भी ये लोग काम करने की इच्छा करते हैं, वहां परेशानी ज्यादा मिलती है। कर्क राशि के लोग कल्पनाशील होते हैं। कुंडली में शनि-सूर्य एक साथ हों तो व्यक्ति को मानसिक रूप से अस्थिर बनाते हैं और व्यक्ति में अहम की भावना बढ़ाते हैं। केकड़ा जब किसी चीज या जीव को अपने पंजों में जकड़ (Claw clasp) लेता है तो उसे आसानी से छोड़ता नहीं है। उसी तरह ये लोग भी अपने लोगों को तथा अपने विचारों को आसानी से छोड़ते नहीं हैं। ये सपना देखने वाले होते हैं, परिश्रमी और उद्यमी होते हैं। इन लोगों को भोजन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
  5. सिंह (Leo): केतु-मंगल की युति कुंडली में हो तो व्यक्ति दिमागी रूप से तेज होता है। केतु-शुक्र की युति कुंडली में हो तो व्यक्ति सजावट और सुन्दरता के प्रति आकर्षण को बढ़ाता है। इसके अन्तर्गत मघा नक्षत्र के चारों चरण, पूर्वा फाल्गुनी के चारों चरण और उत्तराफाल्गुनी का पहला चरण आता है। सिंह राशि पूर्व दिशा की प्रतीक है। इसका चिह्न शेर है। राशि का स्वामी सूर्य है और इस राशि का तत्व अग्नि है। ये लोग पित्त और वायु विकार से परेशान रहने वाले, रसीली वस्तुओं को पसंद करने वाले होते हैं। कम भोजन करना और खूब घूमना, इनकी आदत होती है। व्यक्ति कठोर मेहनत करने वाले, धन के मामलों में बहुत ही भाग्यशाली होते हैं। सोना, पीतल और हीरे-जवाहरात का व्यवसाय इन्हें बहुत फायदा देने वाले होते हैं। रीढ़ की हड्डी की बीमारी या चोटों से परेशानियां (Problems with spinal disease or injuries) हो सकती हैं। इस राशि के लोगों को हृदय रोग, धड़कन का तेज होना, लू लगना और आदि बीमारी होने की संभावनाएं होती हैं। इस राशि वाले लोग सुगठित शरीर के मालिक होते हैं। नाचना भी इनकी एक विशेषता होती है। इस राशि वाले या तो बिल्कुल स्वस्थ रहते हैं या फिर अधिकतर बीमार रहते हैं।
  6. कन्या (Virgo): राशि चक्र की छठी कन्या राशि दक्षिण दिशा की प्रतीक है। इस राशि का चिह्न हाथ में फूल लिए कन्या है। राशि का स्वामी बुध है। इसके अंतर्गत उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के दूसरे, तीसरे और चौथे चरण, चित्रा के पहले दो चरण और हस्त नक्षत्र के चारों चरण आते हैं। मकान, जमीन और सेवाओं वाले क्षेत्र में इस राशि के व्यक्ति कार्य करते हैं।स्वास्थ्य की दृष्टि से फेफड़ों (Lung in terms of health) में शीत, पाचनतंत्र एवं आंतों से संबंधी बीमारियां इन लोगों मे मिलती हैं। इन्हें पेट की बीमारी से कष्ट होता है। पैर के रोगों से भी सचेत रहना चाहिए।इस राशि के लोग संकोची, शर्मीले और झिझकने वाले होते हैं।
  7. तुला (Libra): ये लोग किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होते, दूसरों को प्रोत्साहन देना, सहारा देना इनका स्वभाव होता है। ये व्यक्ति कलाकार होते हैं ये लोग व्यावहारिक भी होते हैं और इनके मित्र इन्हें पसंद करते हैं। इस राशि के पुरुष सुंदर, आकर्षक व्यक्तित्व वाले होते हैं। आंखों में चमक व चेहरे पर प्रसन्नता झलकती है। इनका स्वभाव सम होता है लड़कियां आत्मविश्वास से भरपूर होती हैं। मनपसंद (Favorite) रंग गहरा नीला व सफेद होते हैं। वैवाहिक जीवन में स्थायित्व पसंद आता है।ये एक कुशल मां साबित होती हैं जो कि अपने बच्चों को उचित शिक्षा व आत्मविश्वास (Self-confidence) प्रदान करती हैं।
  8. वृश्चिक (Scorpius): वृश्चिक राशि का चिह्न बिच्छू है और यह राशि उत्तर दिशा की प्रतीक है। वृश्चिक राशि जलतत्व की राशि है। इसका स्वामी मंगल है। यह स्थिर राशि है। वृश्चिक राशि वालों में दूसरों को आकर्षित करने की अच्छी क्षमता होती है। इस राशि के लोग बहादुर (Brave), भावुक होने के साथ-साथ कामुक भी (Emotional as well as sensual) होते हैं। ये अक्सर विविधता की तलाश (seek diversity) में रहते हैं। वृश्चिक राशि के लड़के बहुत कम बोलते होते हैं। इन्हें दुबली-पतली लड़कियां आकर्षित करती हैं। इस राशि की लड़कियां तीखे नयन-नक्ष (Sharp features) वाली होती हैं। यह ज्यादा सुन्दर न हों तब भी इनमें आकर्षण रहता है। इनका बातचीत करने का विशेष अंदाज होता है।
  9. धनु (Sagittarius): धनु द्वि-स्वभाव वाली राशि है। इस राशि का चिह्न धनुषधारी है। यह राशि दक्षिण दिशा की प्रतीक है। धनु राशि वालों को रोमांच (thrill) काफी पसंद होता है। ये निडर व आत्मविश्वासी होते हैं। ये अत्यधिक महत्वाकांक्षी और स्पष्टवादी होते हैं। इन्हें मेकअप करने वाली लड़कियां पसंद हैं। इन्हें भूरा और पीला रंग प्रिय होता है। धनु राशि की लड़कियां लंबे कदमों से चलने वाली होती हैं। ये आसानी से किसी के साथ दोस्ती नहीं करती हैं। इस राशि के व्यक्ति ज्यादातर अपनी सोच का विस्तार नहीं करते एवं कई बार कन्फयूज रहते हैं। एक निर्णय पर पहुंचने पर इनको समय लगता है एवं यह देरी कई बार नुकसानदायक भी हो जाती है।
  10. मकर (Capricorn): मकर राशि का चिह्न मगरमच्छ है। मकर राशि के व्यक्ति अति महत्वाकांक्षी होते हैं। यह सम्मान और सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार कार्य कर सकते हैं। सामान्यत: इनका मनपसंद रंग भूरा और नीला होता है। कम बोलने वाले, गंभीर और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों को ज्यादा पसंद करते हैं। पकी खामोशी आपके साथी को प्रिय होती है। अगर आपका जीवनसाथी (life partner) आपके व्यवहार को अच्छी तरह समझ लेता है तो आपका जीवन सुख पूर्वक व्यतीत होता है। पारंपरिक मूल्यों पर विश्वास करने वाली होती हैं। छोटे-छोटे वाक्यों में अपने विचारों को व्यक्त करती हैं।
  11. कुंभ (Aquarius): राशि चक्र की यह ग्यारहवीं राशि है। कुंभ राशि का चिह्न घड़ा लिए खड़ा हुआ व्यक्ति है। इस राशि का स्वामी भी शनि है। शनि मंद ग्रह है तथा इसका रंग नीला है। इसलिए इस राशि के लोग गंभीरता को पसंद करने वाले होते हैं एवं गंभीरता से ही कार्य करते हैं। शीघ्र ही किसी से भी मित्रता स्थापित कर सकते हैं। आप सामाजिक क्रियाकलापों में रुचि (interest in social activities) रखने वाले होते हैं। इसमें भी साहित्य, कला, संगीत व दान आपको बेहद पसंद होता हैं। अपने व्यवहार में बहुत ईमानदार रहते हैं, इसलिये अनेक लड़कियां आपकी प्रशंसक होती हैं। आपको कलात्मक अभिरुचि (Artistic interest) व सौम्य व्यक्तित्व वाली लड़कियां आकर्षित करती हैं।आप किसी कलात्मक रुचि, पेंटिग, काव्य, संगीत, नृत्य या लेखन आदि में अपना समय व्यतीत करती हैं।
  12. मीन (Pisces): मीन राशि का चिह्न मछली होता है। मीन राशि वाले मित्रपूर्ण व्यवहार (friendly behavior) के कारण अपने कार्यालय व आस पड़ोस में अच्छी तरह से जाने जाते हैं। एक बार किसी पर भी भरोसा कर लें तो यह हमेशा के लिए होता है, इसलिए आप आपने मित्रों से अच्छा भावनात्मक संबंध (emotional relation) बना लेते हैं।अपने धन को बहुत देखभाल कर खर्च करते हैं। आपके अभिन्न मित्र मुश्किल से एक या दो ही होते हैं। जिनसे ये अपने दिल की सभी बातें कह सकते हैं। ये विश्वासघात (betrayal) के अलावा कुछ भी बर्दाश्त कर सकते हैं। ये खुद घरेलू कार्यों में दखलंदाज़ी (interference) नहीं करते हैं, न ही आप अपनी व्यावसायिक कार्य (professional work) में उसका दखल पसंद करते हैं। आपका वैवाहिक जीवन अन्य राशियों की अपेक्षा सर्वाधिक सुखमय रहता है। ये स्वभाव से कला प्रेमी होती हैं। एक बुद्धिमान व सभ्य व्यक्ति आपको आकर्षित करता है। आप शांतिपूर्वक (peacefully) उसकी बात सुन सकती हैं और आसानी से अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं करती हैं। अपनी मित्रता और वैवाहिक जीवन (Married life) में सुरक्षा व दृढ़ता रखना पसंद करती हैं। ये अपने पति के प्रति विश्वसनीय होती है और वैसा ही व्यवहार अपने पति से भी चाहती हैं।