पीलिया रोग क्या होता है इस से कैसे बचे और इसका आसान उपचार | Jaundice: Home Remedies That will Help You Get Rid Of Jaundice

क्या त्वचा या आंखें पीली दिखती हैं ? Does the skin or eyes look pale?

तो प्रिय पाठको आज आपको बताते हैं यदि क्या आपकी त्वचा या आंखें पीली (Pale skin or eyes) हो गई हैं या क्या आप पीले पड़ गए? क्या आप अक्सर थक जाते हैं और खाना छोड़ देते हैं? तो ये संकेत हो सकते हैं कि आप पीलिया के शिकार (Jaundice victims) हो गए हैं। जी हां, आपने सही सुना है। अगर आपको इस तरह के संकेत दिख रहे हैं तो आपको तुरंत पीलिया का डायग्नोस कराना चाहिए। डायग्नोस के बाद सही उपचार और बचाव के तरीकों को अपनाना भी जरूरी है। पीलिया आपके मन की शांति (peace of mind) को चुरा सकता है।

बिलीरुबिन एक पीला रसायन Bilirubin is a yellow chemical

इसके कारण आपकी त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ जाता है। खून में बिलीरुबिन (bilirubin) की मात्रा का बहुत अधिक बढ़ जाना पीलिया का कारण बनता है। बिलीरुबिन एक पीला रसायन (A yellow chemical) होता है जो हमारे हीमोग्लोबिन में मौजूद होता है। यह वह पदार्थ होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं (Red blood cells) में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जिम्मेदार है। आपके शरीर को पुरानी और डैमेज्ड रक्त कोशिकाओं को बदलने के लिए नई कोशिकाओं का निर्माण करना होता है। आपका लीवर पुरानी रक्त कोशिकाओं (Blood cells) को प्रोसेस करता है। जब लीवर इन रक्त कोशिकाओं को मैनेज करने में फेल हो जाता है तो ये जमा होने लगती है और बिलीरुबिन शरीर में बिल्ड-अप होने लगता है। इसके कारण आपकी त्वचा या आंखें पीली दिखती हैं।पीलिया बच्चे या बड़े किसी को भी हो सकता है और इसका इलाज ना करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

पीलिया क्या है? What is Jaundice?

पीलिया एक मेडिकल कंडीशन है जिसमें त्वचा, आंखों के सफेद हिस्से, और श्लेष्मा झिल्ली (Mucous membrane) का रंग पीला हो जाता है। यह पीला रंग बिलीरुबिन के उच्च स्तर के कारण होता है जो कि एक पीले-नारंगी रंग का बाइल पिगमेंट है। यह बाइल लीवर द्वारा रिलीज किया जाता है। बिलीरुबिन लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से बनता है। किसी भी व्यक्ति को पीलिया कई कारण से हो सकता है। अनुवांशिक सिंड्रोम (Genetic syndrome), ब्लड डिजीज, बाइल डक्ट का ब्लॉक हो जाना, इंफेक्शन, कुछ दवाएं और हेपेटाइटिस आदि इन कारणों में शामिल हैं। इसलिए, पीलिया के मरीज को समय से डायग्नोस करने और इलाज कराने की जरूरत है।
इसके कई संभावित कारण हैं और उनमें से कुछ गंभीर हैं. उनमें शामिल है:

  • पित्ताशय की पथरी
  • अल्कोहलिक लीवर रोग
  • अग्नाशयशोथ
  • हेपेटाइटिस
  • सिकल सेल रोग
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काला पीलिया और पीलिया क्या है? What is black jaundice and jaundice?

काला पीलिया एक आम लिवर रोग हैं, जो कि कई असामान्य चिकित्सा कारणों की वजह से से हो सकते हैं. काला पीलिया होने पर किसी व्यक्ति को सिर दर्द, लो-ग्रेड बुखार, मतली और उल्टी, भूख कम लगना, त्वचा में खुजली और थकान आदि लक्षण होते हैं. त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ जाता है. इसमें मल पीला और मूत्र गाड़ा हो जाता है.वहीं, पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को त्वचा के रंग में बदलाव दिखाई दे सकता है. बिलीरुबिन के स्तर के आधार पर त्वचा और आंखों का रंग अलग-अलग होता है. मध्यम स्तर पीले रंग की ओर जाता है, जबकि बहुत उच्च स्तर भूरा दिखाई देता है. गहरे रंग का मूत्र और खुजली, पीला मल भी हो सकता है.

आपको पीलिया है तो कैसे जानते हैं? How do you know if you have jaundice

पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को त्वचा के रंग में बदलाव दिखाई दे सकता है l बिलीरुबिन के स्तर के आधार पर त्वचा और आंखों का रंग अलग-अलग होता है l मध्यम स्तर एक पीले रंग की ओर ले जाता है, जबकि बहुत उच्च स्तर भूरा दिखाई देता है l गहरे रंग का मूत्र और खुजली, पीला मल भी हो सकता है l एक साथ आने वाले लक्षणों में शामिल हैं:

  • थकान
  • लिवर की सूजन के कारण पेट में दर्द और कुछ पेट के ऊपरी हिस्सो में दर्द हो सकता है.
  • वजन घटना
  • उल्टी और मतली
  • बुखार
  • पीला मल
  • गहरा पेशाब

पीलिया के कारण खुजली कभी-कभी इतनी गंभीर होती है कि मरीज अपनी त्वचा को खरोंच लेते हैं या अनिद्रा का अनुभव करते हैं l सही निदान के लिए परीक्षा और प्रयोगशाला परीक्षणों (tests) की आवश्यकता होती है l निदान में इतिहास और शारीरिक परीक्षा और पेट का करीबी ध्यान, ट्यूमर के लिए महसूस (Feel for a tumor) करना और लिवर की दृढ़ता (Liver firmness) की जांच करना शामिल है l फर्म लिवर सिरोसिस (Liver cirrhosis), या लिवर के निशान को इंगित करता है l रॉक-हार्ड लिवर कैंसर का सुझाव देता है l कई परीक्षण पीलिया की पुष्टि कर सकते हैं l लीवर अच्छी तरह से काम कर रहा है या नहीं यह पता लगाने के लिए सबसे पहले लिवर फंक्शन टेस्ट होता है l

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निदान के लिए आवश्यक अन्य सहायक परीक्षण  Other ancillary tests required for diagnosis

  1. बिलीरुबिन टेस्ट: संयुग्मित बिलीरुबिन के स्तरों की तुलना में उच्च स्तर के अपरिपक्व बिलीरुबिन हेमोलिटिक पीलिया का सुझाव देते हैं.
  2. पूर्ण रक्त गणना: यह लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स के स्तर को मापता है.
  3. हेपेटाइटिस ए, बी और सी परीक्षण: यह लिवर संक्रमण की एक श्रृंखला के लिए परीक्षण है.

पीलिया के कारण क्या है? Causes of Jaundice ?

पीलिया तब होता है जब आपके रक्त में बहुत अधिक बिलीरुबिन, पीले-नारंगी पदार्थ होता है l यह आपकी लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है और जब ये कोशिकाएं मर जाती हैं, तो लिवर इसे रक्तप्रवाह (blood flow) से फ़िल्टर करता है और जमा करता है ताकि वे मल से पित्त (Bile from feces) के माध्यम से गुजर सकें l लेकिन अगर कुछ गलत होता है और आपका लीवर यह नहीं रह सकता है, तो बिलीरुबिन बनता है और आपकी त्वचा पीली दिख सकती है l यह लीवर संक्रमण के कारण होता है l

वयस्कों में पीलिया के कुछ कारण हैं Some causes of jaundice in adults

  1. हेपेटाइटिस ज्यादातर वायरल अल्पकालिक (Ephemeral) या पुरानी हो सकती है l ड्रग्स या ऑटोइम्यून विकार हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं l समय के साथ, यह लिवर को नुकसान (loss) पहुंचा सकता है और पीलिया हो सकता है l
  2. लिवर की तीव्र सूजन (Acute liver inflammation) के कारण बिलीरुबिन को संयुग्मित (Conjugated) और स्राव करने की लीवर की क्षमता कम हो जाती है और इस तरह बिलीरुबिन मात्रा बढ़ जाती है l दूषित पानी या खाद्य पदार्थों के कारण सूजन होती है l
  3. शराब से संबंधित लिवर रोग यदि आप समय की एक लंबी अवधि में बहुत अधिक पीते हैं-आमतौर पर 9-10 वर्षों में-आप अपने लिवर को नुकसान पहुंचा चुके हैं l विशेष रूप से दो रोग, मादक हेपेटाइटिस (Alcoholic hepatitis) और ऐल्कहॉलिक सिरोसिस लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं l
  4. हेमोलिटिक एनीमिया इस स्थिति के कारण शरीर में बिलीरुबिन (Bilirubin in the body) का उत्पादन (production) बढ़ जाता है क्योंकि बड़ी मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं (Red blood cell) टूट जाती हैं l
  5. गिल्बर्ट सिंड्रोम इस स्थिति में एंजाइमों (Enzymes) की पित्त उत्सर्जन की प्रक्रिया (Bile excretion process) करने की क्षमता (ability) कम हो जाती है l यह विरासत (Inheritance) में मिली शर्त है l
  6. अवरुद्ध पित्त नलिकाएं ये पतली नलिकाएं (Thin tubes) होती हैं जो लिवर और पित्ताशय की थैली से छोटी आंत में तरल पदार्थ ले जाती हैं l कभी कभी वे पित्त पथरी, कैंसर या असामान्य (Unusual) लिवर रोगों से अवरुद्ध हो जाते हैं l यदि एसा होता हैं, तो वे पीलिया का कारण बनते हैं l
  7. अग्नाशय का कैंसर यह पुरुषों में 10 वां और महिलाओं में 9 वां सबसे आम कैंसर है l यह पित्त नली (Bile duct) को अवरुद्ध कर सकता है l और पीलिया का कारण बन सकता है l
  8. कुछ दवाएं एसिटामिनोफेन, पेनिसिलिन, जन्म नियंत्रण की गोलियाँ (Birth control pills) और स्टेरॉयड जैसे ड्रग्स को लीवर की बीमारी से जोड़ा गया है l
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पीलिया के लिए क्या सावधानियां हैं? Precautions for Jaundice ?

पीलिया के लिए निम्नलीखित सावधानियां है:

  • सुरक्षित और स्वस्थ खाने-पीने की आदतों को सुनिश्चित करें l
  • संक्रमण के दौरान वसायुक्त (Fatty) और तेल युक्त खाद्य पदार्थों से बचें l
  • अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखने के लिए तरल पदार्थ (Liquid substance) और पानी का सेवन करें l
  • कार्बोहाइड्रेट, आम और पपीता जैसे फल खाएं जो पाचन के अनुकूल (Digestive friendly) हैं और यह लिवर को कोई नुकसान (loss) नहीं पहुंचाते हैं l

पीलिया के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपाय क्या है? Home Remedies for Jaundice ?

कुछ घरेलू उपचार इस प्रकार हैं:

  1. सूरज की रोशनी (the sunlight)- बच्चों या नवजात शिशुओं में पीलिया के इलाज के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली चिकित्सा में से एक है फोटोथेरेपी (Phototherapy) l  हालांकि, ऐसे अध्ययन हैं जो यह साबित (Proved) करते हैं कि सूर्य की रोशनी फोटोथेरेपी की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है, लेकिन कई और सुझाव हैं कि वैज्ञानिक रूप (Scientific form) से यह साबित नहीं होता है कि सूर्य की रोशनी प्रभावी है l
  2. गन्ने का रस (sugarcane juice)- रोजाना 1-2 गिलास गन्ने का रस पीने से जब तक आपकी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तब तक यह आपके लिवर को मजबूत (Strong) करने में मदद करता है और इसलिए यह पीलिया के लिए एक बढ़िया इलाज है l
  3. मेंहदी (Henna) -इसे पेट और लीवर क्षेत्र पर शीर्ष रूप से लगाएं और 30 मिलीलीटर मालवाहक (Freight Carriers) तेल के साथ मेंहदी की 12 बूंदों को मिलाकर धीरे मालिश (Massage) करें l यह डिटॉक्सिफाइंग और हिपेटोप्रोटेक्टिव के प्रभाव है l
  4. नींबू का तेल (Lemon oil) – इसमें समान अनुपात (Ratio) में मिश्रित (Mixed) होने पर मेंहदी और हेपेटोप्रोटेक्टिव प्रभाव (effect) होते हैं और एक ही क्षेत्र में मेंहदी के तेल के रूप में लागू होते हैं l
  5. बकरी का दूध (Goat’s milk)- यह हेपेटाइटिस के खिलाफ (Against) कई एंटीबॉडी है और इसलिए गाय के दूध का एक बहुत अच्छा विकल्प है और इसे प्रतिदिन 1 कप के रूप में सेवन किया जाना चाहिए l