योग क्या है तथा इसके कितने अंग होते है What is yoga and how many parts does it have?

योग क्या है what is yoga?

योग शब्द संस्कृत भाषा के यूज़ शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है जोड़ना या मिलाना| योग एक संपूर्ण जीवन शैली अथवा साधना है जिससे व्यक्ति को अपने मन में मस्तिष्क तथा स्वयं पर नियंत्रण करने में सहायता मिलती है| मन पर नियंत्रण करके तथा शरीर को स्वस्थ रखकर व्यक्ति परम आनंद का अनुभव कर सकता है| इस प्रकार यह माना जाता है कि योग सभी प्रकार के दुख एवं पीड़ा को नष्ट करता है| विभिन्न विद्वानों द्वारा तथा ग्रंथों ने योग को निम्न रूप से परिभाषित किया है:-

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वेदव्यास के अनुसार- “योग एक समाधि है”| पतंजलि के अनुसार- “योग का अर्थ है मानसिक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण पाना”| कठोपनिषद के अनुसार- “इंद्रियों तथा मन पर नियंत्रण ही योग है”| गीता के अनुसार- “योग पीड़ा तथा दुःख से मुक्ति का मार्ग है”|आगम के अनुसार-शिव और शक्ति के बारे में ज्ञान ही योग है भारतीय कृष्ण के अनुसार-भगवान से व्यक्ति की एकता ही योग है”|

योग का महत्व Importance of yoga:-

इस बात पर कोई दो राय नहीं कि आज का आधुनिक युग मानसिक दबाव चिंता तथा तनाव का योग है| आज लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी कारण से मानसिक परेशानियों से जूझ रहा है| मनुष्य ने जिस भौतिकता वाद पर अंधा विश्वास किया है वही भौतिकतावाद आज कई समस्याओं का कारण बन चुका है| अपनी असीम भौतिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए मनुष्य दिन रात भागदौड़ कर रहा है जिसके कारण व शारीरिक व मानसिक रूप से थकान महसूस करता है यदि किसी कारणवश इच्छाएं पूरी ना हो तो मनुष्य तनावग्रस्त हो जाता है सरल शब्दों में कहें तो आज समाज के हर वर्ग का व्यक्ति किसी न किसी रूप से तनावग्रस्त है एवं जीवन शैली के कारण मनुष्य अक्सर कई प्रकार के शारीरिक मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं का शिकार हो जाता है अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है

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योग के महत्व का संक्षिप्त वर्णन:-

  1. शारीरिक शुद्धता (physical purity):-