Category: LifeStyle

how to increase height

जल्दी हाइट कैसे बढाये How to increase height ?

काफी समय आप लोगो ने सुना होगा कि क़द लम्बा (Height) है तो वह बालक जवान हैं और अगर उसी जगह लम्बाई कम (Short height) है तो लोग नाटा, ठिगना या बौना जैसे शब्दों का प्रियोग करते हैं। जब आप स्कूल में थे तब तो लम्बाई कम होना फायदेमंद होता था। क्यूंकि तब आपको हमेशा लाइन में सबसे आगे (Front of play ground) खड़ा किया जाता होगा। लेकिन जैसे जैसे आप बड़े होते जाते हैं तो आपके ग्रुप में आपका सबसे छोटा होना आपको बहुत शर्मिंदा एहसास ( Shy feel) करने लगता है। सबसे पहली बात तो आप इस चीज को जान लें कि लम्बाई बढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। लम्बाई बढ़ाने के उपाय (Steps of increase Height) बहुत सारे हैं। स्वस्थ आदत को अपना कर आपको बिलकुल निश्चित रूप से अपनी लम्बाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। अच्छी लम्बाई होने से पर्सनालिटी अपने आप निखरती है। लम्बाई तो सभी

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personality development tips in hindi

क्या आप भी अपनी पर्सनैलिटी डेवेलप करना चाहते हैं तो जानिए ये टिप्स

हम सभी ने बहुत बार पर्सनैलिटी शब्द (Personality word) सुना है और हम रेगुलर इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार हम लोगो को इसका सही अर्थ पता नहीं चल पता है। पर्सनैलिटी डेवलपमेंट (personality Development) शब्द हमें जन्म से नहीं पता होता है, हमें लोगो को अपनी पर्सनैलिटी खुद से ही डेवलप (Self Develop Personality )करना पड़ता है। आजकल हम देखते हैं की पूरी दुनिया में काफी सारी बहुत अच्छी पर्सनैलिटी है (Too Much Good Personality) , तो ऐसे मे उन्होंने अपनी पर्सनालिटी को खुद ही अपनी सोच से बनाया है। हम आप इस पोस्ट मे पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के बारे मे सुझाव (Suggestion for personality development) देंगे। इस पोस्ट में पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की बहुत सी टिप्स दी गई हैं जो आपको अपनी पर्सनैलिटी को डेवलप करने में मदद करेगा। आइए हम जानते हैं  Personality Development Tips के बारे में। पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कैसे करे ?😎 ( How to

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What is Ask These Questions To Your Partner Before Marriage ?

शादी से पहले अपने पार्टनर से क्या करे जरुरी सवाल ? What is Ask These Questions To Your Partner Before Marriage ?

शादी एक ऐसा रिश्ता Relation है जो दो लोगों के जीवन में पूरी तरह से बदलाव लाता है। शादी के बाद दो लोग ही नहीं बल्कि उनसे संबंधित उनके परिवार से भी रिश्ता  (Family relation)जुड़ता है इसलिए दो परिवार एक दूसरे से रिश्ते में बंध जाते हैं। उनका साथ पूरे जीवन का होता है। एक दूसरे के साथ रहने तथा जीवन बिताने के लिए दो लोगों को एक दुसरे की पंसद, नापसंद और आदतों के बारे में पता होना चाहिए तथा उनके अनुसार बदलाव करने पड़ सकते हैं। ऐसे में जब दोनों का रिश्ता तय होने लगता है और शादी का समय (Time of marriage) पास आने वाला होता है, तो उनके मन में कई तरह के क्वेश्चन आने लगते हैं। यह सवाल उनके आने वाले भविष्य से जुड़े होते हैं। उनका जीवनसाथी Jeevansathi कैसा है, उसकी पसंद नापसंद और उनके साथ जीवन बिताना कितना आसान या मुश्किल होने वाला

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जयपुर में पर्यटकों के १० प्रसिद्ध स्थान जहाँ आप अपने पर्यटन के मजे ले सकते है

जयपुर में पर्यटकों के 10 प्रसिद्ध स्थान जहाँ आप अपने पर्यटन के मजे ले सकते है

जयपुर उर्फ “गुलाबी शहर” के नाम से तो आप सभी भलीभाँति वाक़िफ़ होंगे। भारत के सबसे बड़े राज्य की राजधानी जो स्वादिष्ट घेवर, दाल बाटी चूरमा व प्याज कचौडी़ का गंतव्य है। नाम सुनते ही आपके दिमाग में इसका ललचाने वाला दृश्य तो ज़रूर उभरा होगा, है ना? कहा जाता है कि शहर को वेल्स के राजकुमार के स्वागत की खुशी में गुलाबी(गेरुआ) रंग से रंगा गया था और तभी से इसे गुलाबी शहर के नाम से जाना जाने लगा। जयपुर के दर्शनीय स्थल में सबसे पहले जो आपके मन में नाम आएगा वो होगा हवा महल और बेशक आना भी चाहिए क्योंकि इसकी अतुलनात्मक सुंदरता से आप सभी परिचित हैं। विश्व में, भारत के जयपुर शहर को गुलाबी शहर के नाम से भी जानते है, जयपुर भारत के राजस्थान प्रदेश की राजधानी है, जहाँ कई राजाओ ने राज किया आज हम आप को जयपुर के बारे में और यहाँ

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योग क्या है तथा इसके कितने अंग होते है What is yoga and how many parts does it have?

योग क्या है तथा इसके कितने अंग होते है What is yoga and how many parts does it have?

योग क्या है what is yoga? योग शब्द संस्कृत भाषा के यूज़ शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है जोड़ना या मिलाना| योग एक संपूर्ण जीवन शैली अथवा साधना है जिससे व्यक्ति को अपने मन में मस्तिष्क तथा स्वयं पर नियंत्रण करने में सहायता मिलती है| मन पर नियंत्रण करके तथा शरीर को स्वस्थ रखकर व्यक्ति परम आनंद का अनुभव कर सकता है| इस प्रकार यह माना जाता है कि योग सभी प्रकार के दुख एवं पीड़ा को नष्ट करता है| विभिन्न विद्वानों द्वारा तथा ग्रंथों ने योग को निम्न रूप से परिभाषित किया है:- वेदव्यास के अनुसार- “योग एक समाधि है”| पतंजलि के अनुसार- “योग का अर्थ है मानसिक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण पाना”| कठोपनिषद के अनुसार- “इंद्रियों तथा मन पर नियंत्रण ही योग है”| गीता के अनुसार- “योग पीड़ा तथा दुःख से मुक्ति का मार्ग है”|आगम के अनुसार-शिव और शक्ति के बारे में ज्ञान ही योग है भारतीय

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